Monday, 17 June 2013

तू याद आया है!

साथ बिताए लम्हो की किताबो के पन्ने पढ़े जा रहे है,
पत्थर दिल अब पिघले और थामे आँसू बहे जा रहे है!

कहते है हर आँसू में बात और हर दर्द में याद होती है,
याद करते तो नही फिर भी हर बात में तेरी याद आ रही है!

चाह कर भी तुझको भूला ना पा रहे है,
तेरी जिंदगी से जुड़ी हर छोटी-छोटी खुशीया मना रहे है!

बीना तेरे जिंदगी मे अंधेरा छाया है,
और हमेशा की तरह आज फिर तू याद आया है!

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